Chhapaak 2020 – A Story of Brave Girl
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Chhapaak 2020 – A Story of Brave Girl

Chhapaak Movies Review

अगर आपके भीतर भावनाएं नहीं है और आप एक पत्थर दिल इंसान हैं इसे किसी की तकलीफ और दर्द में होने पर कोई फर्क नहीं पड़ता तो यह फिल्म आपके लिए कतई नहीं है निर्देशक मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी फिल्म छपाक एसिड अटैक विक्टिम लक्ष्मी के दर्द भरे जीवन के सफर को पर्दे पर उतारने का काम करती है।

Chhapaak
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दीपिका पादुकोण जो सफल अभिनेत्रियों में से एक हैं इस बार उन्होंने लीक से हटकर महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने और एसिड अटैक जैसी गंभीर समस्याओं को उठाने का रिस्क लिया है।

Story Line- Chhapaak

अगर Chhapaak (छपाक) मूवी की बात करें तो यह एक कठिन और भावनात्मक फिल्म है मूवी के स्टार्ट होते ही पहले ही प्रेम में आपका दिल भारी हो जाता है और यह एहसास मूवी के अंत होने तक बना रहता है। इस मूवी में कई ऐसे दृश्य डाले गए हैं, जो आपकी आंखें नम कर सकते हैं ।

Chhapaak (छपाक) मूवी लक्ष्मी अग्रवाल की जीवनी पर आधारित है जिसमें 19 वर्ष की उम्र में उनके ऊपर एसिड अटैक होता है और फिल्म में उनकी इस यात्रा को दिखाया गया है । कि किस प्रकार वह सभी चुनौतियों का सामना करती हैं एसिड अटैक पिता की मृत्यु बीमार भाई समाज के ताने परिवार की जिम्मेदारियों को किस प्रकार संभाल कर खुद को न्याय दिलाने की जंग लड़ती हैं।

Chhapaak (छपाक) मूवी में लक्ष्मी के किरदार को दीपिका पादुकोण ने निभाया है, जिसमें उनका नाम मालती है । मालती नौकरी की तलाश में इधर-उधर घूमती है, और बार-बार उसे उसके चेहरे की वजह से नकारा जाता है ।

मालती एसिड अटैक के बाद कई बार सर्जरी से गुजर चुकी हैं, कहानी आ गए तब बढ़ती है जब एक महिला पत्रकार उनका इंटरव्यू करती हैं और साथ ही मालती को अमोल (विक्रम मेसी) से मिलवाती है, जो ‘एसिड अटैक विक्टिम्स सर्वाइवल’ के लिए एन.जी.ओ चलाते हैं । अमोल, मालती को देखकर बहुत खुश होते हैं, और उसे एन.जी.ओ से जुड़ने के लिए कहते हैं।

लेकिन मालती जॉब की मांग करती है जो से मिल भी जाती है जैसे-जैसे मूवी आगे बढ़ती है, कहानी मालती के जीवन के फ्लैशबैक में जाती है । जहां मालती एक 19 वर्ष की खूबसूरत और हंसमुख स्टूडेंट है । जो सिंगर बनना चाहती हैं, लेकिन बशीर खान उर्फ बब्बू द्वारा किए गए एसिड अटैक के बाद उनकी जिंदगी बिल्कुल बदल जाती है।

Chhapaak
Chhapaak

पहली सर्जरी के बाद जब मालती अपना चेहरा आईने में देखती हैं, तो रुह कांप सी जाती है । एसिड अटैक के बाद भी परेशानियां खत्म नहीं होती है, बीमार भाई, परिवार की आर्थिक तंगी, पुलिस इन्वेस्टिगेशन, कोर्ट कचहरी के चक्कर, समाज के ताने और तिरस्कार से जूझती नजर आती हैं ।

लेकिन वकील अर्चना (मधुरजीत सरगी) के मालती को इंसाफ दिलाने का जज्बा मालती को मजबूत बनाने की प्रेरणा देती है। अर्चना के जज्बे और प्रेरणा से ही मालती एसिड को बैन करने की याचिका दायर करती है।

मालती इतनी तकलीफों से घिरे होने के बाद भी मुस्कुराना नहीं छोड़ती है, और वह पार्टी करती नजर आती है।

क्या बशीर खान उर्फ बब्बू को सजा दिलवाकर अपने ही जैसे सैकड़ों एसिड अटैक विक्टिम्स को एसिड बैन कराके इंसाफ दिला पाएगी यह जानने के लिए आप मूवी देख सकते है।

स्टार कास्ट की बात करें तो दीपिका पादुकोण ने अपने किरदार के साथ न्याय किया है, और बड़ी ही सहजता से मालती को पर्दे पर उतारा है। विक्रांत मैसी के पास सीमित स्क्रीन होने के बाद भी उन्होंने अच्छा काम किया और अपने अभिनय से लोगों को प्रभावित किया है।

इसके अलावा सपोर्टिंग रोल में मधुरजीत सरगी, अंकित बिष्ट, देलजाद हिवाले, गोविंद सिंह संधू, ने भूमिका निभाई है ।

संगीत की बात करें तो शंकर-एहसान-लॉय के संगीत पर अजीत सिंह की आवाज पर गुलजार का लिखा टाइटल ट्रेक सीधे दिल दिमाग पर वार करता है । जिसे लोगों ने बहुत सराहा है।

मेघना गुलजार ने अपना 100% देखने देने की कोशिश की है, जबकि छपाक में 80% स्क्रीन दीपिका को मिली है। विक्रांत मैसी को बहुत कम स्क्रीन दी गई है,जबकि उन्हें और भी स्पेस दिया जा सकता था।

मूवी को बेवजह लम्बा खींचने की कोशिश की गई है ।इसे 15 से 20 मिनट छोटा भी किया जा सकता था पूरी फिल्म की पटकथा को देखते हुए इसे मिलते हैं 5 में से 4 स्टार ।

Chhapaak Movie Trailer

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